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लाड़ली बहना योजना में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: अब ₹1500 हर महीने, जल्द ₹3000 तक बढ़ेगा लाभ
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लाड़ली बहना योजना में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: अब ₹1500 हर महीने, जल्द ₹3000 तक बढ़ेगा लाभ

Sudipta
Sudipta
June 22, 2025 1 min read 0 comments
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लाड़ली बहना योजना में बड़ा बदलाव – सीएम मोहन यादव ने दिवाली से ₹1500 देने की घोषणा की, ₹3000 तक बढ़ाने का वादा

मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए सबसे बड़ी राहत भरी योजना ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। अब इस योजना के तहत हर पात्र महिला को ₹1,500 प्रति माह की राशि दी जाएगी। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगामी वर्षों में इस राशि को ₹3,000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा।

यह घोषणा न केवल लाखों महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

क्या है नया ऐलान?

  • अब तक महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के तहत ₹1,000–₹1,250 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलती थी।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि अगले भुगतान से महिलाओं को ₹1,500/माह की राशि ट्रांसफर की जाएगी

  • योजना के तहत दी जाने वाली राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह करने की योजना है।

  • दिवाली 2025 से यह नई राशि लागू होगी।

“बहनों की मुस्कान ही मेरी सरकार का संकल्प है। ₹1,500 से शुरुआत है, मंज़िल ₹3,000 है,” – सीएम मोहन यादव

लाड़ली बहना योजना: एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि

  • योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2023 को हुई थी, शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा।

  • उद्देश्य: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।

  • शुरुआती राशि थी ₹1,000/माह, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया।

  • योजना का लाभ डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए दिया जाता है।

कौन हैं इसके लाभार्थी?

लाड़ली बहना योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलता है जो निम्नलिखित मानदंडों पर खरा उतरती हैं:

मानदंड विवरण
✅ आयु 21 से 60 वर्ष
✅ निवास मध्यप्रदेश की स्थायी निवासी
✅ पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम वार्षिक
✅ अन्य आवेदिका के नाम से कोई टैक्सेबल प्रॉपर्टी या सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए

सरकार पर कितना पड़ेगा भार?

  • योजना से अब तक 1.27 करोड़ महिलाएं जुड़ चुकी हैं।

  • पहले साल में सरकार ने योजना पर ₹12,000 करोड़ खर्च किए थे।

  • अब जब ₹1,500/माह का लाभ मिलेगा, तो वार्षिक व्यय ₹22,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

रक्षाबंधन बोनस – शगुन के ₹250

इसके साथ ही सरकार ने यह भी घोषणा की है कि हर साल रक्षाबंधन के समय बहनों को ₹250 की अतिरिक्त राशि ‘शगुन’ के रूप में दी जाएगी।
यह फैसला भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ सामाजिक सरोकार को और मजबूत करता है।

कैसे चेक करें आवेदन की स्थिति?

लाभार्थी महिलाएं https://cmladlibahna.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर या मोबाइल ऐप के माध्यम से यह जान सकती हैं:

  • आवेदन स्वीकृति की स्थिति

  • बैंक खाते में भुगतान की तिथि

  • अगले भुगतान की संभावित तिथि

क्या है ₹3,000 तक बढ़ाने की रणनीति?

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, यह एक फेज़-वाइज़ इन्क्रीमेंट होगा।

  • हर साल बजट आवंटन और रेवेन्यू ग्रोथ के आधार पर यह राशि ₹2,000 से ₹3,000 तक पहुंचेगी।

  • अंतिम लक्ष्य: 2028 तक ₹3,000/माह सुनिश्चित करना।

समीक्षा और विश्लेषण:

पहलू वर्तमान स्थिति प्रस्तावित लक्ष्य
योजना की राशि ₹1,250/माह ₹3,000/माह
लाभार्थियों की संख्या 1.27 करोड़ स्थिर रखना
खर्च ₹22,000 करोड़/वर्ष संभवतः ₹35,000 करोड़/वर्ष तक

लाड़ली बहना योजना पर जीतू पटवारी का तीखा हमला, सरकार से पूछा– “वादा भूल गए क्या?”

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लाड़ली बहना योजना को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए पूछा:

क्या आपको याद है 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बहनों से क्या वादा किया था? उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घुटनों पर बैठकर हर लाड़ली बहना को ₹3000 प्रतिमाह देने की बात कही थी और वोट की अपील की थी।

लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे दिल्ली चले गए, और उनके स्थान पर आए मुख्यमंत्री ने उस वादे को पूरा करने की कोशिश तक नहीं की।”

“25 लाख बहनों को योजना से बाहर कर दिया गया” – पटवारी

अपने ट्वीट में पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने 25 लाख पात्र महिलाओं को ‘अपात्र’ घोषित कर योजना से बाहर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी मध्यप्रदेश की लाखों महिलाएं योजना में शामिल होने की पात्रता रखती हैं, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया जा रहा।

“मैं मोहन सरकार से पूछना चाहता हूं – इन बहनों के लिए आर्थिक विकल्प क्या है?
न उनकी रोज़मर्रा की जरूरतों का ध्यान रखा गया, और न ही यह बताया गया कि उन्हें योजना में कब शामिल किया जाएगा।
जिन बहनों को ₹3000 का वादा किया गया था, आज वे ₹0 पर रह गई हैं।”

मुख्य सवाल जो पटवारी ने उठाए:

  • क्या भाजपा ने चुनाव से पहले ₹3000 देने का वादा किया था या नहीं?

  • 25 लाख बहनों को अपात्र घोषित कर योजना से बाहर क्यों कर दिया गया?

  • जिन बहनों को शामिल नहीं किया गया, उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई कौन करेगा?

  • सरकार यह जवाब क्यों नहीं दे रही कि नई पात्र महिलाएं योजना में कब जुड़ेंगी?

राजनीतिक विश्लेषण

पटवारी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस अब लाड़ली बहना योजना को लेकर भाजपा सरकार को सीधे निशाने पर ले रही है।
जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में योजना की राशि बढ़ाकर ₹1500 करने की घोषणा की है, वहीं कांग्रेस इसे अधूरा और भ्रामक वादा बता रही है।

 

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Staff writer at thebuzzfeednews. Covering the latest in news and technology.

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